डा. भीम राव अम्बेडकर
- इनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई मुरबादकर था
- डॉ. भीमराव राम अंबेडकर (Dr. Bhim Rao Ambedkar) अपने पिता-माता की 14 वीं व अंतिम संतान थे
- इनके पिता भारतीय सेना की मऊ छावनी में कार्यरत थे
- अंबेडकर जी ने सन 1907 में मैट्रिकुलेशन पास की और उसके बाद वे बड़ौदा महाराज की आर्थिक सहायता से एलिफिन्सटन कॉलेज से 1912 में ग्रेजुएट हुए
- उन्होंने अमेरिका के कोलम्बिया विश्वविद्यालय से सन 1915 में अर्थशास्त्र से एम.ए. किया
- इसके बाद प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री सेलिगमैन के मार्गदर्शन में अम्बेडकर ने कोलंबिया विश्वविद्यालय से 1917 में पी एच. डी. की उपाधी प्राप्त कर ली
- भीमराव अंबेडकर विदेश जाकर अर्थशास्त्र डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे
- भीमराव अम्बेडकर जी को लगभग 9 भाषाओं को ज्ञान था
- भारत आने के बाद अंबेडकर जी 1926 में बम्बई की विधान सभा के सदस्य नामित किए गए
- अम्बेडकर जी आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे
- भारत के संविधान के निर्माण में अंबेडकर जी प्रमुख भूमिका थी
- भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता उन्हीं को माना जाता है
- अंग्रेज़ी में उनकी रचनावली ‘डॉ. बाबा साहब आम्बेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज’ नाम से महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रकाशित की गई है
- हिन्दी में उनकी रचनावली ‘बाबा साहब डॉक्टर आम्बेडकर सम्पूर्ण वाङ्मय’ के नाम से भारत सरकार द्वारा प्रकाशित की गई है
- डॉ. अंबेडकर को भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की थी
- 6 दिसंबर 1956 को मधुमेह से पीड़ित होन के कारण अंबेडकर जी की मृत्यु हो गई
- डॉ भीम राव अंबेडकर जी को वर्ष 1990 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया था
- डॉ. बाबा साहब अंबेडकर जी को ‘समानता का प्रतीक’ कहा जाता है
- डॉ. अम्बेडकर ही एक मात्र भारतीय हैं जिनकी portrait लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है
- अंबेडकर जी अकेले एेेेेसे व्यक्ति थे जिन्होने अंग्रेजों के द्वारा बुलाये गये तीनों गोलमेज सम्मेलन मेें भाग लिया


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